प्रवीण शुक्ल : एक परिचय...

प्रवीण शुक्ल हास्य-व्यंग्य के प्रतिष्ठित कवि हैं। उनका जन्म 7 जून 1970 को पिलखुवा उ.प्र. में हुआ। वह पिछले पच्चीस वर्षों से निरंतर दिल्ली में रह रहे हैं। उन्होंने हिन्दी और अर्थशास्त्र में एम.ए. करने के साथ-साथ डॉ. अशोक चक्रधर जी की कविताओं पर शोध भी किया है। अनेक संस्थायें उन्हें सम्मानित करके स्वयं सम्मानित हो चुकी हैं।

प्रवीण शुक्ल को हास्य-व्यंग्य के अनेक प्रतिष्ठित सम्मान, जिनमें 'व्यंग्य श्री सम्मान', 'श्रेष्ठ कवि-सम्मान', 'काव्य हंस सम्मान', 'अट्‌टहास युवा रचनाकार सम्मान', 'ओमप्रकाश आदित्य सम्मान', 'डॉ. उर्मिलेश शंखधार सम्मान' और इसके साथ-साथ एक लाख रुपये राशि का प्रतिष्ठित 'काव्य-गौरव सम्मान' भी प्राप्त हो चुका है।

'स्वर अहसासों के', 'कहाँ ये कहाँ वे', 'हँसते-हँसाते रहो', 'तुम्हारी आँख के आँसू', 'गाँधी और गाँधीगिरी', 'गाँधी और मैनेजमेंट' तथा 'सफर बादलों का' उनकी चर्चित पुस्तकें हैं। उन्होंने हास्य कवि अल्हड़ बीकानेरी जी की लोकप्रिय कविताओं को 'हर हाल में खुश हैं' तथा प्रसिद्ध गीतकार संतोषानन्द जी की लोकप्रिय कविताओं को 'इक प्यार का नगमा है' शीर्षक से संकलित किया है। प्रवीण शुक्ल के द्वारा लिखे गये गीतों की एक ऑडियो सी.डी. 'ना वो सावन रहा' शीर्षक से जारी हो चुकी है।

प्रवीण शुक्ल एक ऐसे युवा और लोकप्रिय हास्य-व्यंग्य कवि हैं जिन्होंने केवल भारत ही नहीं अपितु अनेक देशों में अपनी कविताओं से धूम मचाई है। वह थाईलैंड (बैंकाक), ओमान (मस्कट), दुबई (संयुक्त अरब अमीरात), यूनाइटेड किंगडम के विभिन्न शहरों (लंदन, बर्मिंघम, वुलवरहैम्पटन, यार्कशायर और मैनचेस्टर), भूटान में काव्य-पाठ कर चुके हैं।

प्रवीण शुक्ल युवा पीढ़ी के सर्वाधिक चर्चित और लोकप्रिय हास्य-व्यंग्य कवि और एक ऐसे मंच-संचालक हैं जिन्हें भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी पाटिल और ए. पी.जे. अबुल कलाम के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। लोकप्रिय राजनेता लालू प्रसाद यादव, फिल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा, लोकप्रिय निर्देशक महेश भट्‌ट, गजल सम्राट जगजीत सिंह, फिल्म अभिनेता और सांसद राजबब्बर आदि उनके प्रशंसकों और श्रोताओं में शामिल हैं।

प्रवीण शुक्ल अपनी अब तक की 22 वर्षों की काव्य-यात्रा में लगभग 2000 कवि-सम्मेलनों में काव्य-पाठ कर चुके हैं। इन कवि-सम्मेलनों में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित 'लाल किला कवि-सम्मेलन', 'स्वतंत्रता दिवस कवि-सम्मेलन', 'जनता की पुकार कवि-सम्मेलन', 'इण्डियन आयल' और 'डी.सी.एम. कवि-सम्मेलन' जैसे समारोह भी शामिल हैं। प्रवीण शुक्ल एक ऐसे कवि हैं जिन्हें देश-विदेश में खास और विशेष वर्ग के श्रोता भी सुनना चाहते हैं और एक आम भारतीय भी। वह उन चर्चित और प्रतिभाशाली कवियों में शामिल हैं जिनका किसी मंच पर होना ही उस मंच के लिए सफलता के नये प्रतिमान निर्धारित कर देता है।