Kaavyans

  कहाँ वे कहाँ ये
चन्द्रशेखर,
तुम इस आज़ादी के लिए
अपना बलिदान दे गये,
भगतसिंह,
तुम यूँ ही अपनी जान दे गये।
देखो तुम्हारे खवाबों को इन्होंने
शीशे की तरह
चटका दिया है,
तुम जिस देश के लिए
फाँसी पर लटक गये
इन्होंने उस देश को
फाँसी पर लटका दिया है।